बिहार : घर वाले नही हुए शादी के लिए राजी तो पुलिस ने प्रेमी प्रेमिका की मन्दिर में करवाई शादी

जब मियां बीबी राजी तो क्या करेगा काजी …कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला बेगूसराय में, जहां रिश्ते में पट्टेदार होने के बावजूद भी एक युगल प्रेमी प्रेमिका एक दूसरे से शादी करना चाहते थे। लेकिन इस शादी के लिए लड़का के परिजन तैयार नहीं थे। मजबूरन दोनों युगल प्रेमी प्रेमिका थाना पहुंचकर थानाध्यक्ष से शादी कराने की गुहार लगाने लगे। मामला मंसूरचक थाना क्षेत्र के गणपतौल की है।

जानिए क्या है माजरा


मंसूरचक के गणपतौल क्षेत्र के गुलशंकरी बाग टोला निवासी अजीत और कोमल एक दुसरे के पट्टेदार हैं बावजूद इसके एक दुसरे से शादी करना चाहते थे। परिवार इस बात का विरोध कर रहा था लेकिन दोनों को शादी करने की जिद्द थी। जब परिवार के लोग तैयार नहीं हुए तब दोनों मंसूरचक थाना पहुंचा गए और थानाध्यक्ष को अपने बालिग होने का प्रमाण देते हुए शादी करने की इच्छा जाहिर की।

पुलिस ने दोनों परिवार को बुलाया

पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों परिवार के परिजनों को बुलाया और दोनों की शादी कर देने की बात कही लेकिन लड़का पक्ष इस बात के लिए तैयार नहीं हुए। अंत में पुलिस ने पहल करते हुए थाने के बाहर बने मंदिर में बिन मंडप, बिन बैंडबाजा और बिन बारात के ही ग्रामीण और लडकी पक्ष की मौजूदगी में अजीत और कोमल की शादी करवा दी।

लड़का के घर वाले शादी के लिए नहीं थे राजी

अजीत कुमार के घर वाले इस शादी के लिए तैयार नहीं थे जबकि और युवती के परिजन शादी के लिए तैयार थे। पुलिस ने दोनों के परिजनों को थाने पर बुलाया और शादी की रजामंदी की पहल की। लेकिन लड़का पक्ष तैयार नहीं हुए।गुस्से में वे अपने बेटे अजीत को छोड़कर वहां से चले गये। फिर लड़की के परिजनों ने शादी की तैयारी मंदिर परिसर में शुरू कर दी।

क्या कहते है थाना अध्यक्ष

इस शादी के संबंध में थानाध्यक्ष रंजन कुमार ठाकुर ने बताया कि दोनों एक ही गांव के रहने वाले हैं। एक दुसरे से शादी करने की जिद्द करने लगे। थानाध्यक्ष ने बताया कि कोमल अपने पिता के साथ युवक के घर पहुंच गई थी और शादी के लिए दबाव बनाने लगी। लेकिन अजीत के घरवाले इस शादी के लिए तैयार नहीं थे। इसके बाद युवती अपने घर लौट आई और शुक्रवार की शाम अजीत को लेकर थाने पहुंच गई। युवती ने पुलिस को अपने प्रेम-प्रसंग के बारे में बताया और शादी कराने की गुहार लगाई। पुलिस के पहल करने पर भी लड़का पक्ष शादी के लिए तैयार नहीं हुए तब समाज के द्वारा दोनों की शादी कराई गई। दोनों ने थाने में लिखित आवेदन दिया है जिसमें उनका कहना है कि वह दोनों बालिग हैं और आपसी सहमति से शादी कर रहे हैं। उनके परिवार के लोगों को भी इससे कोई आपत्ति नहीं है।

Source : amarujala

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